प्रकाश संश्लेषण

हरी पत्तियाँ, प्रकाश संश्लेषण के लिये प्रधान अंग हैं।
हरी पत्तियाँ, प्रकाश संश्लेषण के लिये प्रधान अंग हैं।

जीवित कोशिकाओं द्वारा प्रकाश की उर्जा को रासायनिक ऊर्जा में परिवर्तन प्रकाश संश्लेषण (फोटोसिन्थेसिस्) कहलाता है।

प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया में सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में पौधों की हरी पत्तियों की कोंशिकाओं के अन्दर काबॅन डाइआक्साइड और पानी संयोग कर पहले साधारण काबोहाइड्रेट और बाद में जटिल काबोहाइड्रेट का निर्माण करते हैं। इस प्रक्रिया में आक्सीजन एवं उर्जा से भरपूर कार्बोहाइड्रेट (सुक्रोज , ग्लूकोज, स्टार्च आदि) का निर्माण होता है। प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया को सबसे महत्वपूर्ण जैवरासायनिक अभिक्रिया कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी।

प्रकाश संश्लेषण, जल को तोडकर O2 निकालता है एवं  CO2 को शर्करा (sugar) के रूप में बदल देता है।
प्रकाश संश्लेषण, जल को तोडकर O2 निकालता है एवं CO2 को शर्करा (sugar) के रूप में बदल देता है।

[संपादित करें] प्रकाश संश्लेषण का रासायनिक समीकरण

प्रकाश संश्लेषण की सरलीकृत रासायनिक अभिक्रिया को प्रायः निम्नलिखित रूप में लिखा जाता है:

6 CO2(g) + 12 H2O(l) + photonsC6H12O6(aq) + 6 O2(g) + 6 H2O(l)
कार्बन डाईआक्साइड + जल + प्रकाश उर्जा → ग्लूकोज + ऑक्सीजन + पानी

ध्यान रहे कि प्रकाश यहाँ अभिक्रिया में भाग नहीं लेता है बल्कि इस अभिक्रिया के लिये प्रकाश की उपस्थिति आवश्यक है।


[संपादित करें] इन्हें भी देखें


[संपादित करें] वाह्य सूत्र




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