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अंग्रेज़ी भाषा
अंग्रेज़ी भाषा (English इंग्लिश) हिन्द-यूरोपीय भाषा-परिवार में आती है और इस लिहाज़ से हिंदी, उर्दू, फ़ारसी आदि के साथ इसका दूर का रिश्ता बनता है। ये इस परिवार की जर्मनिक शाखा में रखी जाती है । ये भारत की सह-राजभाषा है और इसे दुनिया की सर्वप्रथम अन्तर्राष्ट्रीय भाषा माना जाता है। ये दुनिया के कई देशों की मुख्य राजभाषा है और आज के दौर में विज्ञान, कम्प्यूटर, साहित्य, राजनीति, और उच्च शिक्षा की भी मुख्य भाषा है। अंग्रेज़ी भाषा रोमन लिपि में लिखी जाती है।
[संपादित करें] इतिहासपाँचवीं और छठी सदी में ब्रिटेन के द्वीपों पर उत्तर की तरफ़ से एंगल और सेक्सन क़बीलों ने हमला किया था और उन्होंने केल्टिक भाषाएँ बोलने वाले स्थानीय लोगों को स्कॉटलैंड, आयरलैंड और वेल्स की तरफ़ धकेल दिया था। आठवीं और नवीं सदी में उत्तर से Vikings और Norse क़बीलों के हमले भी शुरू हो गए थे और इस तरह मौजूदा इंगलैंड का इलाक़ा कई तरह की भाषा बोलने वालों का देश बन गया। और कई पुराने शब्दों को नए अर्थ मिल गए। मसलन – Dream का मतलब उस वक़्त तक आनंद लेना था लेकिन उत्तर के Vikings ने इसे सपने का अर्थ दे दिया। इसी तरह स्कर्ट का शब्द भी उत्तरी हमलावरों के साथ यहाँ आया। लेकिन इसका रूप बदल कर शर्ट हो गया। बाद में दोनों शब्द अलग-अलग अर्थों में इस्तेमाल होने लगे और आज तक हो रहे हैं। सन् ५०० से लेकर ११०० तक के काल को पुरानी अंग्रेज़ी या Old English का दौर कहा जाता है। १०६६ ईस्वी में ड्यूक ऑफ़ नोरमंडी ने इंगलैंड पर हमला किया और यहाँ के Anglo Saxon क़बीलों पर विजय पाई। इस तरह पुरानी फ़्रांसीसी भाषा के शब्द स्थानीय भाषा में शामिल होने लगे। अंग्रेज़ी का यह दौर ११०० से १५०० तक जारी रहा और इसे अंग्रेज़ी का विस्तार वाला दौर (Middle English) कहा जाता है। क़ानून और जुर्म-सज़ा से संबंध रखने वाले बहुत से अंग्रेज़ी शब्द इसी काल में प्रचलित हुए। अंग्रेज़ी साहित्य में चौसर (Chaucer) की शायरी को इस भाषा का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया जाता है। सन् १५०० के बाद अंग्रेज़ी का आधुनिक काल शुरू होता है जिसमें कुछ यूनानी भाषा के कुछ शब्दों ने जगह बनानी शुरू की। इस दौर की शुरुआत शेक्सपीयर जैसे साहित्यकार के नाम से शुरू होती है और ये दौर सन १८०० तक चलता है। उसके बाद अंग्रेज़ी का आधुनिकतम दौर कहलाता है जिसमें अंग्रेज़ी की व्याकरण आसान हो चुकी है और उसमें अंग्रेज़ों की एशियाई और अफ्रीक़ी नई आबादियों की भाषाओं के बहुत से शब्द शामिल हो चुके हैं। विश्व राजनीति, साहित्य, व्यवसाय आदि में अमरीका की बढ़ती हुई अहमियत की वजह से अमरीकी अंग्रेज़ी ने भी ख़ास मुक़ाम हासिल कर लिया है। इसका दूसरा कारण ब्रिटिश लोगों का साम्राज्यवाद भी था। वर्तनी की आसानी और बात करने का आसान और बेबाक अंदाज़ अमरीकी अंग्रेज़ी की विशेषताएँ हैं। पाँचवीं और छठी सदी में ब्रिटेन के द्वीपों पर उत्तर की तरफ़ से एंगल और सेक्सन क़बीलों ने हमला किया था और उन्होंने केल्टिक भाषाएँ बोलने वाले स्थानीय लोगों को स्कॉटलैंड, आयरलैंड और वेल्स की तरफ़ धकेल दिया था। आठवीं और नवीं सदी में उत्तर से Vikings और Norse क़बीलों के हमले भी शुरू हो गए थे और इस तरह मौजूदा इंगलैंड का इलाक़ा कई तरह की भाषा बोलने वालों का देश बन गया। और कई पुराने शब्दों को नए अर्थ मिल गए। मसलन – Dream का मतलब उस वक़्त तक आनंद लेना था लेकिन उत्तर के Vikings ने इसे सपने का अर्थ दे दिया। इसी तरह स्कर्ट का शब्द भी उत्तरी हमलावरों के साथ यहाँ आया। लेकिन इसका रूप बदल कर शर्ट हो गया। बाद में दोनों शब्द अलग-अलग अर्थों में इस्तेमाल होने लगे और आज तक हो रहे हैं। सन् ५०० से लेकर ११०० तक के काल को पुरानी अंग्रेज़ी या Old English का दौर कहा जाता है। १०६६ ईस्वी में ड्यूक ऑफ़ नोरमंडी ने इंगलैंड पर हमला किया और यहाँ के Anglo Saxon क़बीलों पर विजय पाई। इस तरह पुरानी फ़्रांसीसी भाषा के शब्द स्थानीय भाषा में शामिल होने लगे। अंग्रेज़ी का यह दौर ११०० से १५०० तक जारी रहा और इसे अंग्रेज़ी का विस्तार वाला दौर (Middle English) कहा जाता है। क़ानून और जुर्म-सज़ा से संबंध रखने वाले बहुत से अंग्रेज़ी शब्द इसी काल में प्रचलित हुए। अंग्रेज़ी साहित्य में चौसर (Chaucer) की शायरी को इस भाषा का महत्त्वपूर्ण उदाहरण बताया जाता है। सन् १५०० के बाद अंग्रेज़ी का आधुनिक काल शुरू होता है जिसमें कुछ यूनानी भाषा के कुछ शब्दों ने जगह बनानी शुरू की। इस दौर की शुरुआत शेक्सपीयर जैसे साहित्यकार के नाम से शुरू होती है और ये दौर सन १८०० तक चलता है। उसके बाद अंग्रेज़ी का आधुनिकतम दौर कहलाता है जिसमें अंग्रेज़ी की व्याकरण आसान हो चुकी है और उसमें अंग्रेज़ों की एशियाई और अफ्रीक़ी नई आबादियों की भाषाओं के बहुत से शब्द शामिल हो चुके हैं। विश्व राजनीति, साहित्य, व्यवसाय आदि में अमरीका की बढ़ती हुई अहमियत की वजह से अमरीकी अंग्रेज़ी ने भी ख़ास मुक़ाम हासिल कर लिया है। इसका दूसरा कारण ब्रिटिश लोगों का साम्राज्यवाद भी था। वर्तनी की आसानी और बात करने का आसान और बेबाक अंदाज़ अमरीकी अंग्रेज़ी की विशेषताएँ हैं। [संपादित करें] ध्वनियाँ[संपादित करें] स्वर[संपादित करें] व्यंजनयहाँ * का अर्थ उन स्वरों पर निशान लगाना है जो हिन्दी के ध्वनि-तन्त्र में नहीं होते, या जिनका शुद्ध उच्चारण अधिकांश भारतीय नहीं कर पाते । [संपादित करें] ध्वनि-अक्षरमाला सम्बन्ध
[संपादित करें] शब्दावलीबेशक, क्योंकि अंग्रेज़ी एक जर्मनिक भाषा है, उसकी ज़्यादातर रोज़मर्रा की शब्दावली प्राचीन जर्मन से आयी है । इसके अलावा भी अंग्रेज़ी में कई ऋणशब्द हैं। एक सर्वेक्षण के मुताबिक स्थिति ये है :
[संपादित करें] भाषाई साम्राज्यवाद एवं अंग्रेज़ीअंग्रेज़ों ने दुनिया के अनेक देशों को राजनैतिक रूप से गुलाम बनाया। इसके साथ ही उन्होंने उन देशों पर बड़ी चालाकी से अंग्रेज़ी भी लाद दी। इसी का परिणाम है कि आज ब्रिटेन के बाहर यूएसए, आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैण्ड, कनाडा, भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश्, दक्षिण अफ्रिका आदि अनेक देशों में अंग्रेज़ी का वर्चस्व है। अंग्रेज़ी ने यहां कि देशी भाषाओं को बुरी तरह पंगु बना रखा है। ब्रिटिश काउन्सिल जैसी संस्थायें इस अंग्रेज़ी के प्रसार के लिये तरह-तरह के प्रोपेगैण्डा एवं गुप्त अभियान करती रहतीं हैं।
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